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हिमाचल प्रदेश ने महापौरों का कार्यकाल 5 साल तक बढ़ा दिया, जिससे चुनाव में देरी हुई और कांग्रेस नेताओं को फायदा हुआ।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने नगर निगमों में महापौरों और उपमहापौरों का कार्यकाल ढाई साल से बढ़ाकर पांच साल कर दिया है, जिससे शिमला का वर्तमान नेतृत्व 2028 तक सेवा कर सकता है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू द्वारा अनुमोदित इस कदम से आगामी चुनावों को लेकर अटकलें खत्म हो गई हैं और इसका उद्देश्य प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।
इससे मुख्य रूप से कांग्रेस नेता सुरिंदर चौहान और उमा कौशल को लाभ होता है।
विपक्षी भाजपा ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह राजनीतिक रूप से प्रेरित है और आरोप लगाया कि यह प्रतिकूल चुनावों से बचाता है।
मंत्रिमंडल ने विभिन्न सुधारों को भी मंजूरी दी, जिनमें इलेक्ट्रिक वाहन रूपांतरण, मानदेय में वृद्धि, नए मेडिकल कॉलेज, खेल पात्रता का विस्तार और अनुबंधित श्रमिकों के लिए पितृत्व अवकाश शामिल हैं।
Himachal Pradesh extends mayors' terms to 5 years, delaying elections and benefiting Congress leaders.