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भारत ने 4 नवंबर, 2025 को संयुक्त प्रक्रिया शुरू की, जिससे दिवालिया पेशेवरों को लेनदार की तेजी से वसूली के लिए विशेष अदालतों के माध्यम से पीएमएलए-संलग्न संपत्तियों को बहाल करने की अनुमति मिलती है।
भारत के दिवाला और दिवालियापन बोर्ड (आईबीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक संयुक्त प्रक्रिया बनाई है जिससे दिवाला पेशेवरों को विशेष अदालतों के माध्यम से पीएमएलए-संलग्न संपत्तियों की बहाली की अनुमति मिलती है, जिसका उद्देश्य दिवालियापन की कार्यवाही और संपत्ति कुर्की के बीच संघर्ष को हल करना है।
नई प्रक्रिया, 4 नवंबर, 2025 से प्रभावी, लेनदार की वसूली के लिए जमे हुए परिसंपत्तियों तक तेजी से पहुंच को सक्षम बनाती है, जिसमें एक मानकीकृत उपक्रम यह सुनिश्चित करता है कि परिसंपत्तियों से लेनदारों को लाभ हो-न कि आरोपी प्रवर्तकों या संदिग्धों को-और ईडी की जांच और तिमाही रिपोर्टिंग के साथ चल रहे सहयोग को अनिवार्य करता है।
यह कदम निगमित पुनर्गठन को सुव्यवस्थित करने, देरी को कम करने और प्रवर्तन कठोरता बनाए रखते हुए वसूली परिणामों को बढ़ाने का प्रयास करता है।
India launches joint process Nov. 4, 2025, letting insolvency pros restore PMLA-attached assets via special courts for faster creditor recovery.