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दिल्ली उच्च न्यायालय ने जेपी इंफ्राटेक के पूर्व सीएमडी के लिए अंतरिम जमानत के लिए ईडी की चुनौती की समीक्षा करते हुए उनकी मां के गंभीर स्वास्थ्य का हवाला दिया।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने जेपी इंफ्राटेक के पूर्व सीएमडी मनोज गौर को उनकी 92 वर्षीय मां की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत देने की प्रवर्तन निदेशालय की चुनौती पर नोटिस जारी किया है।
अदालत ने ईडी को उसकी चिकित्सा स्थिति की पुष्टि करने का निर्देश दिया, जिसमें डायलिसिस और कई बीमारियों की आवश्यकता भी शामिल है।
गौर, जिन्हें नवंबर 2025 में 25,000 घर खरीदारों को प्रभावित करने वाले कथित 13,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, को 24 जनवरी को 14 दिनों की अंतरिम जमानत दी गई थी।
ईडी ने तर्क दिया कि हिरासत पैरोल पर विचार किए बिना जमानत अनुचित तरीके से दी गई थी, जबकि गौर के वकीलों ने कहा कि पीएमएलए की दोहरी शर्तें अंतरिम जमानत पर लागू नहीं होती हैं।
इस मामले की सुनवाई 6 फरवरी को होनी है और नियमित जमानत याचिका 31 जनवरी को निर्धारित की गई है।
Delhi High Court reviews ED's challenge to interim bail for Jaypee Infratech's former CMD, citing his mother's critical health.