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मोदी वैश्विक उथल-पुथल के बीच बुनियादी ढांचे के विकास और स्थिर एलपीजी आपूर्ति का हवाला देते हुए भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर देते हैं।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने एन. एस. टी. सम्मेलन में भारत की ऊर्जा रणनीति को रेखांकित किया, जिसमें पश्चिम एशिया संघर्ष से वैश्विक व्यवधानों के बीच आयात निर्भरता को कम करने के लिए विस्तारित घरेलू बुनियादी ढांचे और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया।
उन्होंने 2014 के बाद से हुई प्रगति पर प्रकाश डाला, जिसमें रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार 50 लाख टन से अधिक, एलपीजी कनेक्शन को दोगुना करके 33 करोड़ करना और एलएनजी टर्मिनलों को चार से बढ़ाकर आठ करना शामिल है।
मोदी ने एल. पी. जी. की कमी के राजनीतिक दावों को घबराहट पैदा करने के प्रयासों के रूप में खारिज कर दिया, स्थिर आपूर्ति और नागरिकों को वैश्विक मूल्य वृद्धि से बचाने के लिए सरकारी प्रयासों पर जोर दिया, जिसमें 300 रुपये पर सब्सिडी वाला युरिया भी शामिल है।
उन्होंने राज्यों से वर्तमान संकट के दौरान ऊर्जा सुरक्षा के लिए समन्वित कार्रवाई पर जोर देते हुए कालाबाजारी और गलत सूचनाओं से निपटने का आग्रह किया।
Modi stresses India's energy self-reliance, citing infrastructure growth and stable LPG supply amid global turmoil.