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हिमाचल प्रदेश ने जांच की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए अपनी भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी को आर. टी. आई. से बाहर कर दिया है, जिससे पारदर्शिता की चिंता बढ़ गई है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने चल रही जांच की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को आर. टी. आई. अधिनियम से बाहर कर दिया है।
आर. टी. आई. अधिनियम की धारा 24 (4) के तहत किया गया यह कदम आर. टी. आई. आवेदनों के माध्यम से एजेंसी की जानकारी तक सार्वजनिक पहुंच को रोकता है।
जयराम ठाकुर के नेतृत्व में विपक्ष ने इसे राजनीति से प्रेरित बताते हुए इसकी आलोचना की और आरोप लगाया कि यह पारदर्शिता को कम करता है और अधिकारियों को जांच से बचाता है।
अधिकारियों का कहना है कि बहिष्करण जांच की अखंडता की रक्षा करता है।
राज्य सरकार द्वारा कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है, और विपक्ष ने औपचारिक रूप से जवाब नहीं दिया है।
Himachal Pradesh excludes its anti-corruption agency from RTI access, citing probe sensitivity, sparking transparency concerns.