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दिल्ली उच्च न्यायालय 24 सितंबर, 2026 को 2018 #MeToo आरोप पर पत्रकार के मानहानि मामले में बरी होने के खिलाफ पूर्व मंत्री की अपील पर फैसला सुनाएगा।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आपराधिक मानहानि के एक मामले में पत्रकार प्रिया रमानी को बरी किए जाने के खिलाफ पूर्व केंद्रीय मंत्री एम. जे. अकबर की अपील की अंतिम सुनवाई के लिए 24 सितंबर, 2026 की तारीख तय की है।
यह मामला अकबर के खिलाफ यौन दुराचार के रमणी के 2018 के #MeToo आरोपों से उत्पन्न हुआ, जिसके कारण मानहानि का मुकदमा चला।
एक निचली अदालत ने फरवरी 2021 में महिलाओं के सामने अपर्याप्त सबूत और सामाजिक चुनौतियों का हवाला देते हुए रमानी को बरी कर दिया, जबकि अकबर ने तर्क दिया कि फैसला अटकलों और कानूनी त्रुटियों पर आधारित था।
उच्च न्यायालय की अंतिम सुनवाई यह निर्धारित करेगी कि क्या बरी होने का फैसला प्रेस की स्वतंत्रता, मानहानि कानून और भारत में लिंग-आधारित आरोपों से निपटने के लिए संभावित व्यापक प्रभावों के साथ खड़ा है।
Delhi High Court to rule Sept. 24, 2026, on former minister’s appeal against journalist’s defamation acquittal over 2018 #MeToo allegation.