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एन. सी. एल. ए. टी. दिवालियापन को विशिष्ट चूक परियोजनाओं तक सीमित करता है, क्योंकि रहेजा के दावे कृष्णा आवास योजना तक ही सीमित होने चाहिए।
राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एन. सी. एल. ए. टी.) ने फैसला सुनाया कि अचल संपत्ति कंपनियों के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही उस विशिष्ट परियोजना तक सीमित होनी चाहिए जहां चूक हुई हो, न कि अन्य असंबंधित परियोजनाओं तक।
यह निर्णय रहेजा डेवलपर्स की कृष्णा आवास योजना पर लागू होता है, जिसमें दावों को केवल उस परियोजना तक सीमित रखने की आवश्यकता होती है।
इस फैसले में इस बात पर जोर दिया गया है कि कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सी. आई. आर. पी.) को घर खरीदारों और हितधारकों के हितों की रक्षा के लिए परियोजना-विशिष्ट बने रहना चाहिए।
4 लेख
NCLAT limits insolvency to specific default projects, ruling Raheja's claims must be confined to Krishna Housing Scheme.